
7 साल की बच्ची के साथ ज्यादती के मामले में दोनों दरिंदों को 18 पुलिस अफसरों ने 17 घंटे में ही कर दिया बेनकाब था। हालांकि, उसके अपहरण होने की सूचना मिलने के बाद जांच सही दिशा में ले जाने में पुलिस का शुरुआती समय बच्ची के पिता के तीन अलग अलग बयानों के कारण बर्बाद हुआ था। मामला बच्ची का होने के कारण पुलिस ने तांत्रिक की बात पर भी भरोसा किया और इलाके के तमाम बांछडा डेरे खंगाल डाले। सारी गुत्थी सुलझाने में पुलिस के 18 अफसरों में से पहली खास भूमिका कॉन्स्टेबल जीवन राठौर ने निभाई, जिसने फुटेज के आधार पर इरफान की पहचान की और बाद के कुछ घंटों में जांच मुकाम पर पहुंच गई।
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