
खग्रास चंद्रग्रहण शुक्रवार को गुरु पूर्णिमा पर होगा। यह 3 घंटे 55 मिनट का रहेगा। पंडितों की सलाह पर लोगों ने ग्रहण काल में बरती जाने वाली सावधानी को लेकर तैयारियां कर ली हैं। इस दौरान घरों और मंदिरों में पूजा अर्चना नहीं की जाएगी। इसी तरह ग्रहण अवधि में लोग भोजन का सेवन भी नहीं करेंगे। यद्यपि वृद्ध, बीमार और बच्चों के लिए इससे छूट दी गई है। खगोलविदों ने इस बार भी इसे साल के दूसरे ब्लड मून की संज्ञा दी है। इस बार यह ग्रहण रात 11 बजकर 54 बजे शुरू होकर रात 3.49 बजे समाप्त होगा। करीब चार घंटे चलने वाले इस ग्रहण का सूतक दोपहर 2.54 बजे प्रारंभ हो गया है। खगोलशास्त्रियों ने इसे साल के दूसरे ब्लड मून की संज्ञा दी है। सूतक लगते ही मंदिरों के कपाट बंद हो गए हैं, जो अगले दिन खुलेंगे और पवित्र जल से शुद्धि के बाद ही पूजा-पाठ शुरू होगी।
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