
अब प्राइवेट स्कूल जो भी यूनिफॉर्म छात्रों के लिए तय करेंगे, उसे 5 साल बाद ही बदल पाएंगे। साथ ही फीस भी नकद नहीं ले पाएंगे। फीस जमा करने के लिए स्कूलों को अपने अकाउंट नंबर अभिभावकों को बताना होंगे। इसके अलावा कोई भी प्राइवेट स्कूल पिछले साल की तुलना में 10 फीसदी से ज्यादा फीस में बढ़ोतरी नहीं कर पाएगा। यदि जिला समिति द्वारा यह पाया जाता है कि प्राइवेट स्कूल द्वारा इस नियम का उल्लंघन किया गया है, तो शैक्षणिक सत्र की शेष तिमाहियों में अंतर की राशि को एडजस्ट किया जाएगा। यदि स्कूल ने वार्षिक फीस एडवांस में ली है, तो अतिरिक्त फीस को 30 दिनों के भीतर अभिभावक को वापस करना होगी।
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