
भोपाल। केंद्र सरकार द्वारा फैमिली प्लानिंग प्रोग्राम के तहत परिवार नियोजन के लिए सप्लाई किए गए गर्भ निरोधक का नाम ‘आशा कंडोम’ रखने को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। स्वास्थ्य विभाग ने ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में इन कंडोम के बांटने का काम आशा कार्यकर्ताओं को सौंपा हुआ है, जिन्हें गर्भनिरोधक बांटने के दौरान अश्लील कमेंट के कारण शर्मिंदगी का सामना करना पड़ रहा है। इससे परेशान आशा कार्यकर्ताओं की संस्था मध्यप्रदेश आशा-उषा कार्यकर्ता संगठन ने स्वास्थ्य मंत्री रुस्तम सिंह को लिखित में कंडोम के नाम को लेकर आपत्ति दर्ज कराई है। साथ ही राज्य और केंद्र सरकार द्वारा कंडोम के नाम में संशोधन नहीं किए जाने पर मध्यप्रदेश हाईकोर्ट में पीआईएल लगाने का फैसला लिया है। वहीं दूसरी ओर स्वास्थ्य संचालनालय के अफसर नाम में संशोधन से इनकार कर रहे हैं।
आज की ताज़ा ख़बरें पढ़ने के लिए दैनिक भास्कर ऍप डाउनलोड करें
from दैनिक भास्कर https://ift.tt/2KEMh0Y
No comments